सिर्फ दिव्य अलौकिक हास्पिटल पर कार्रवाई कर अपना दामन फिर बचा के निकल लिए जिम्मेदार
तेजतर्रार सीएमओ ने कहा ऐसी कार्रवाई करूंगा जो बनेगी मिसाल
अमेठी – सुलतानपुर। प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सख्त कार्रवाई करते हुए लगातार मिल रहीं शिकायतों के चलते श्रावस्ती के सीएमओ को निलंबित कर दिया गया है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। वहीं, फतेहपुर में तैनात चिकित्सक को भी निलंबित कर सीएमओ सिद्धार्थनगर के कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, सुल्तानपुर के सीएमओ तथा पूर्व अधीक्षक द्वारा अनियमितताओं के आरोपों की जांच कराई जा रही है। पीलीभीत व अमेठी के दो चिकित्साधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि श्रावस्ती के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अजय प्रताप सिंह द्वारा अवैध निजी अस्पतालों पर प्रभारी अंकुश न लगा पाने, टेंडरों में कतिपय अनियमितता किए जाने तथा बायो मेडिकल वेस्ट का उचित निस्तारण न करने व उच्च आदेशों की अव्हेलना किए जाने के आरोपों के चलते उन्हें सस्पेंड करते हुए चिकित्सा स्वास्थ्य महानिदेशालय से संबद्ध किया गया है। इस संबंध में शासन द्वारा डीएम व सीडीओ श्रावस्ती को पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिए गए थे। दोनों अधिकारियों द्वारा शासन को सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। लेकिन सुलतानपुर अमेठी जनपद की सीमा पर इन दिनो झोलाछाप डाक्टरो की बात ही निराली है, इनके पास न तो कोई डिग्री है न तो अस्पताल का कोई मानक है, फिर भी ये धडल्ले से ओपीडी कक्ष मे मरीजो की नब्ज टटोलते है, आखिर स्वास्थ्य महकमा इन अस्पताल के संचालको पर कब करेगा कार्रवाई?
कार्रवाई होने पर दलालो के पेट मे जब उठता है दर्द
स्वास्थ्य विभाग जब कार्रवाई करने आता है तो अस्पताल संचालको के दलाल भी पूरी तरह से एक्टिव हो जाते है ,पूरा आवभगत होने के बाद काम नही बनता है तो ये आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू कर देते है, अपने दामन मे लगे दाग को भी दूसरे को छूआ देते है।
क्या कहते है जिम्मेदार
इस मामले पर जब सीएमओ अमेठी से बात की गई तो उन्होने स्पष्ट कर दिया कि ऐसे लोग सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे है, बहुत जल्द ही इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी