अमेठी में जिले का सबसे बड़ा गांजा तस्कर गिरफ्तारः कार में रखा था गांजा, तहखाने से मिला 100 किलो माल; करोड़ों की संपत्ति का मालिक!

अमेठी में जिले का सबसे बड़ा गांजा तस्कर गिरफ्तारः कार में रखा था गांजा, तहखाने से मिला 100 किलो माल; करोड़ों की संपत्ति का मालिक!

 

शनिवार सुबह बाराबंकी की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सूचना मिली कि अमेठी के गौरीगंज क्षेत्र में एक बलेनो कार में भारी मात्रा में अवैध गांजा लाया गया है। सूचना मिलते ही टीम ने उच्च अधिकारियों से अनुमति लेकर कार्रवाई शुरू की। गौरीगंज की सम्राट फैक्ट्री के पास खड़ी संदिग्ध कार की जांच की गई, जिसमें छुपाकर रखे गए गांजे के कई पैकेट बरामद हुए। पुलिस की कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसके घर में भी गांजे का बड़ा भंडारण है। पुलिस उपाधीक्षक बीनू सिंह के नेतृत्व में टीम ने आरोपी त्रिलोचन गिरी के घर पर छापेमारी की। छानबीन में गौशाला और तहखाने से नीचे गाड़कर रखा गया 100 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद हुआ।लग्जरी कार, हजारों कैश और दस्तावेज भी मिले छापेमारी के दौरान टीम ने आरोपी के घर से दो लग्जरी कारें, 30,600 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन, और आधार कार्ड बरामद किया। त्रिलोचन को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ गौरीगंज थाने में NDPS एक्ट की धारा 8, 20, 29 और 60 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।अरबों की संपत्ति का मालिक निकला तस्कर पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि त्रिलोचन गिरी जिले का सबसे बड़ा गांजा तस्कर है। उसने तस्करी के जरिए अरबों की संपत्ति खड़ी कर ली है। उसका रामनगर के गोंसाई जंगल में करोड़ों का आलीशान मकान है। गौरीगंज कस्बे और हाईवे पर तीन आलीशान मकान हैं, जबकि लखनऊ में भी उसकी करोड़ों की प्रॉपर्टी है।टीम में शामिल रहे ये अधिकारी इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस उपाधीक्षक बीनू सिंह के साथ उपनिरीक्षक पुरुषोत्तम विश्वकर्मा, उपनिरीक्षक सूरज सिंह, कांस्टेबल कमलेश पांडेय, अरविंद सिंह, दीपक कुमार, वेद प्रकाश दुबे, आदिल हाशमी, मखदूम आलम और सहबान शामिल रहे। टीम ने करीब 11 घंटे तक लगातार कार्रवाई कर पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया।