अमेठी में एक तरफ जहां पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए जानी जाती है तो वहीं कभी कभी पुलिस से आम जनता असुरक्षित भी महसूस करने लगती है। उसका कारण ये है कि जब वर्दी पहनने के बाद किसी भी स्तर से धन उगाही की प्रवृत्ति जाग जाए तो वहीं से छवि पर दाग लगना शुरू हो जाता है लेकिन धन संचय के आगे वर्दी पहनते समय ली गई शपथ शायद पुलिस के लिए कोई मायने नहीं रखती है।ताजा मामले में अमेठी की जामो पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया जा रहा है। जगदीशपुर थाना क्षेत्र के हुसैनपुर निवासी एक बकरी खरीद फरोख्त करने वाले व्यापारी नौशाद ने जामों थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 10 जुलाई को उसके लड़के इरशाद को ख़ौपुर गांव के मुबीन के घर से उठा लाई। नौशाद जब थाने पहुंच इरशाद के बारे में जानकारी चाही तो उसे भी बैठा लिया गया और बकरी चोरी की बात कहकर दरोगा, सिपाही और मुहर्रिर ने उसे बेल्ट और लात घूंसों से जमकर मारा। इस दौरान वह बार पूछता रहा कि आखिर उसे किस जुर्म की सजा दी जा रही है लेकिन उसकी बात अनसुनी कर उसे पीटते हुए सवा लाख लाख रुपये की मांग की जाने लगी। नौशाद ने मीडिया को पुलिस द्वारा पीटे जाने से हुए घाव को भी दिखाया।पुलिस की और अधिक मार से बचने के लिए नौशाद ने अपनी ग्राम सभा के प्रधान से संपर्क साधा और उनकी मध्यस्थता से एक लाख रुपए में सौदा तय हुआ। नौशाद ने कहा कि प्रधान उमापति तिवारी उसके घर जाकर महिलाओं से एक लाख रुपया लिए और लाकर हेड मुहर्रिर दिनेश को दिया। रुपया पाने के बाद पुलिस ने शांतिभंग की धारा में चालान भी कर दिया। नौशाद ने कहा कि अब पुलिस उसके लड़के को जेल भेजना चाहती है। नौशाद ने कहा कि मोबाइल नंबर 9140808855 से बार बार फोनकर उसके लड़के इमरान को थाने बुलाया जा रहा है। थाने के हेड मुहर्रिर भी उसको बार बार बुला रहे हैं। नौशाद ने एक घटना 26 जून का बताते हुए कहा कि SOG पुलिस ने उसे पकड़ लिया था और उसे एनकाउंटर का भय दिखाकर सवा लाख रुपया लिया था तब उसे छोड़ा था। नौशाद ने बताया कि उस समय भी ग्राम प्रधान की मध्यस्थता से ही सवा लाख रुपया दिया गया था। नौशाद ने कहा कि उसका आपराधिक इतिहास भी नहीं रहा फिर भी पुलिस उसे परेशान कर रही है। अब वह हताश व निराश हो चुका है।नौशाद आज सोमवार एसपी कार्यालय पहुंच प्रार्थनापत्र देकर अपना मेडिकल कराए जाने की मांग करते हुए आप बीती बताते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाए। अगर वह निर्दोष साबित होता है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और अगर वह दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।वहीं जामो पुलिस ने कहा कि अचलपुर निवासी विश्वनाथ ने अपनी चार बकरियां चोरी होने की शिकायत करते हुए नौशाद के ऊपर शक जाहिर किया था जिसे पूछताछ के लिए बुलाया गया था और शांतिभंग की धारा ने चालान कर दिया गया था। बाकी सारे आरोप निराधार हैं। रायबरेली की SOG टीम भी एक बार पूछताछ कर चुकी है।