अमेठी। ग्राम पंचायत मवैया रहमतगढ के ग्राम रहमतगढ में राम विवाह पंचमी 25 नवंबर मंगलवार को मनाई जाएगी। जिसमें भव्य मेले का आयोजन प्रत्येक वर्ष की भांति किया जा रहा है मेले के आयोजक सुरेन्द्र तिवारी ने जनपदवासियों से आग्रह किया है कि श्रीराम विवाह के उपलक्ष्य में आयोजित मेले में सभी राम भक्त शामिल हों और श्री राम लीला को देखकर अपने जीवन में एक नई सकारात्मक ऊर्जा का निर्माण करें धर्म गुरु आचार्य अमर बहादुर तिवारी ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान राम और सीता माता का विवाह हुआ था। विवाह पंचमी 2025 शुभ मुहूर्त हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष को होना सुनिश्चित रहता है उदया तिथि के अनुसार विवाह पंचमी इस वर्ष 25 नवंबर को मनाईं जाएगी,विवाह पंचमी 2025 पूजन विधि विवाह पंचमी के दिन सुबह उठकर स्नान आदि से निवृत होकर श्रीराम विवाह का संकल्प लें स्नान के बाद शुभ मुहूर्त में श्रीराम और माता सीता का विवाह करें। इसके पहले पूजा स्थान पर श्रीराम और माता सीता की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद भगवान राम को पीले वस्त्र और माता सीता को लाल रंग के वस्त्र अर्पित करें। इसके बाद बालकांड में विवाह प्रसंग का पाठ करें। साथ ही साथ ओम् जानकीवल्लभाय नमः इस मंत्र का 108 बार जाप करें। इसके बाद माता सीता और श्रीराम का गठबंधन करें। फिर उनकी आरती करें। पूजन के बाद गांठ लगे वस्त्र को अपने पास सुरक्षित रख लें। क्यों खास है विवाह पंचमी अगर विवाह होने में बाधा आ रही हो तो वो समस्या दूर हो जाती है। मनचाहे विवाह का वरदान भी मिलता है। वैवाहिक जीवन की समस्याओं का अंत भी हो जाता है। इस दिन भगवान राम और माता सीता की संयुक्त रूप से उपासना करने से विवाह होने में आ रही बाधाओं का नाश होता है। इस दिन बालकाण्ड में भगवान राम और सीता जी के विवाह प्रसंग का पाठ करना शुभ होता है। इस दिन सम्पूर्ण श्रीरामचरित मानस का पाठ करने से भी पारिवारिक जीवन सुखमय होता है। वहीं रहमतगढ़ के मूल निवासी पत्रकार दिनेश तिवारी ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री राम-सीता विवाह हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा जिसमें सभी जनपदवासियों के लिए अवसर है कि अपने जीवन में श्री राम जी की कृपा प्राप्त करने हेतु श्री राम लीला व श्रीरामचरितमानस पाठ उपरांत भव्य मेले में आने मात्र से वहीं आयोजक द्वारा सभी भक्तों से मेलें में आने की अपील की गई।