राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य ने विधायक सुरेश पासी को बताया “विकास पुरुष”

हुसैनपुर के खिचड़ी भोज व कंबल वितरण कार्यक्रम में बोले सांसद, ‘विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम’ से गांवों को मिलेगा सीधा लाभ।

 

 

बाजार शुकुल, अमेठी।

 

प्रधान संघ अध्यक्ष एवं हुसैनपुर ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान सतीश मिश्रा द्वारा आयोजित खिचड़ी भोज एवं कंबल वितरण कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य एवं भाजपा जिला अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने सहभागिता की। कार्यक्रम का आयोजन हुसैनपुर ग्राम पंचायत, बाजार शुकुल क्षेत्र में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।इस अवसर पर राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए ‘विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम’ पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम का मूल विजन वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है और इसकी मजबूत नींव गांवों से ही रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि जब गांव सशक्त होंगे, तभी देश विकास के शिखर तक पहुंचेगा।कार्यक्रम में मौजूद विधायक सुरेश पासी की सराहना करते हुए राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य ने उन्हें “विकास पुरुष” की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि विधायक सुरेश पासी के नेतृत्व में क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास कार्य हुए हैं, जिनका लाभ आम जनता को सीधे तौर पर मिला है। रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य ने स्पष्ट किया कि विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम का मनरेगा से कोई संबंध नहीं है और दोनों योजनाएं पूरी तरह अलग हैं। उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों में मनरेगा को समाप्त नहीं किया जा सका, क्योंकि इसे कानूनी रूप से अत्यंत जटिल बना दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा पर लगभग 11 लाख करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद अपेक्षित ग्रामीण विकास नहीं हो सका और कई स्थानों पर यह योजना “लूट की गारंटी” बनकर रह गई।उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत सरकार एक अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी कानून लेकर आई है, जिससे ग्रामीण आबादी को वास्तविक लाभ मिलेगा और रोजगार सृजन को नई दिशा प्राप्त होगी।इस मौके पर विधायक सुरेश पासी ने बताया कि विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम के तहत अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि नई योजना में धन के दुरुपयोग की कोई संभावना नहीं होगी और प्रत्येक कार्य की निगरानी नीचे से ऊपर तक की जाएगी, जिससे पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।कार्यक्रम के अंत में ग्राम प्रधान सतीश मिश्रा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना और जरूरतमंदों को सीधा लाभ दिलाना ही इस प्रकार के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य है।