भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की नींव थी 1857 की अवध क्रांति
ज्ञात इतिहास में विदेशी आक्रांताओं से लड़ने की शुरुआत राजा पोरस और सिकंदर के युद्ध से शुरू हो जाती है
लेकिन पूरे देश में संगठित तरीके से स्वाधीनता संग्राम आंदोलन की शुरुआत अवध के स्वतंत्रता संग्राम से शुरू होती है
ईस्ट इंडिया कंपनी के लूट खटोस अत्याचार हड़पनीति के खिलाफ अवध में बेगम हजरत महल मुहम्मदी खानुम के साथ अवध के राजा तालुकदार नबाब जमीदारों ने मिलकर सयुक्त रूप से लड़ा
उन्ही में अमेठी के कोहरा रियासत के संस्थापक बाबू हिम्मत साह के वंशज बाबू भूप सिंह 1857 स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख रणनीतिकार व अवध के हर मोर्चे पर लड़ने वाले योद्धा थे जिनके भाले और वीरता का गुणगान लखनऊ रेजीडेंसी से लेकर चांदा अमहट और अमेठी के प्रसिद्ध कादूनाला युद्ध तक में वर्णित है
कादूनाला युद्ध के बाद प्रमुख ब्रिटिश इतिहासकारो मेल्सन व कई अन्य ने लिखा है अवध विद्रोह के समय अंग्रेजी शासन स्वप्न की तरह मिट गया था अगर नेपाली राजा और उनकी गोरखा सेना का सहयोग न मिला होता तो कादूनाला युद्ध की पराजय अंग्रेजी शासन के लिए अंत की शुरुआत होती
बाबू भूप सिंह शुरू से ही देश में विदेशी पराधीनता वाली शासन व्यवस्था के खिलाफ मुखर थे देश में खासकर बिहार में शुरू हुए जनबिद्रोहो ने इनके मन में प्रज्वलित स्वतंत्रता की चाह को और बढ़ा दिया जिसके परिणाम स्वरूप कोहरा के तालुकदार बाबू भूप सिंह स्वतंत्रता सेनानी बाबू भूप सिंह बन गए
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रमुख पुस्तकों में एक रिबोल्ट इन अवध में प्रसिद्ध इतिहासकार डा आर मुखर्जी ने बाबू भूप सिंह की भूमिका का वर्णन करते हुए लिखा है रिबेल फ्राम द विगनिग क्रांति की शुरुआत से अपने सीमित संसाधनों और अपनी सैन्य टुकड़ी के साथ आजादी के युद्ध में लड़ते रहे
1858 में युद्ध के असफल हो जाने पर देश के शासन व्यवस्था से ईस्ट इंडिया कंपनी का भी अंत हो गया और शासन ब्रिटिश सरकार के अधीन हो गया परिणाम स्वरूप ब्रिटिश सरकार ने पूरे देश में क्रांति से जुड़े राजाओं तालुकदारो नवावो के विरुद्ध कार्यवाही शुरू की जिसके तहत उनके ऊपर कठोरतम टैक्स लगाए उनके हथियारों की जब्ती किलो व राजभवनो की ध्वस्ती व उनके शासन व्यवस्था को कोर्ट ऑफ वार्डस के अधीन रखा
कोहरा तालुकदारी व बाबू भूप सिंह के ऊपर यह ब्रिटिश कार्यवाही हुई और कोहरा को दशकों कोर्ट ऑफ वार्डस अधीन रखा गया भयानक टैक्स लगा हथियारों की जब्ती हुई किले को ध्वस्त किया गया