मुसाफिरखाना (अमेठी)। औरंगाबाद गांव में स्थित 120 साल पुराने पंच शिखर शिव मंदिर के मामले में प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। यह मंदिर गांव की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर मानी जाती है। ग्रामीणों की शिकायत पर तहसील प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मौके पर निरीक्षण किया है।तहसीलदार राहुल सिंह ने अपनी टीम के साथ मंदिर स्थल का दौरा किया और राजस्व रिकॉर्ड की जांच की। उन्होंने बताया कि मंदिर की जमीन राजस्व रिकॉर्ड में आबादी की जमीन के रूप में दर्ज है। मामले की विस्तृत जांच के बाद रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी।ग्रामीणों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस मंदिर को संरक्षित किया जाए और इसे धार्मिक गतिविधियों के लिए उपयोग में लाया जाए। उनका कहना है कि यह मंदिर गांव की सांस्कृतिक विरासत है, जिसे संजोना सभी की जिम्मेदारी है।
एसडीएम प्रीति तिवारी ने तहसील प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ जांच की जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी होने के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे।गांव के लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन की सक्रियता से मंदिर से जुड़ा यह मामला जल्द सुलझ जाएगा और धार्मिक गतिविधियां फिर से शुरू होंगी।