रेल विभाग इंजीनियर वीरेंद्र अपहरण कांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश लक्ष्मीकांत शुक्ल की अदालत ने विवेचक को किया तलब।

सुलतानपुर/रायबरेली/बाराबंकी/गुजरात। रेल विभाग इंजीनियर वीरेंद्र अपहरण कांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश लक्ष्मीकांत शुक्ल की अदालत ने विवेचक को किया तलब। कोर्ट ने जेल भेजी गई वृद्धा जग्गो देवी की घटना में भूमिका स्पष्ट करने को लेकर व्यक्तिगत रूप से विवेचक को आज के लिए यानी पांच मार्च को किया है तलब। प्रकाश में नाम लाकर मुल्जिम बनाई गई जग्गो के अधिवक्ता ने बेल पर सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्यशैली पर उठाया था सवाल। कोर्ट ने मामले में संज्ञान लेते हुए विवेचक को किया है तलब। वर्तमान समय मे एसआई अशोक कुमार कर रहे मामले की तफ्तीश। इसके पहले गुड्डू जोशी ने की थी मामले की तफ्तीश। पूरे मामले में पूर्व विवेचक गुड्डू जोशी व अन्य की भूमिका संदिग्ध

मामले में विवेचक से लेकर पूर्व एसपी सोमेन वर्मा तक को हाईकोर्ट में पर्सनल एफिडेविट दाख़िल करने को लेकर किया जा चुका है तलब,फिर भी तफ्तीश में बड़े खेल की बात आ रही सामने। मामले में सही मुल्जिम को क्लीनचिट देकर अपहृत इंजीनियर वीरेंद्र के भाइयों व मां को ही जेल भेजने का पुलिस पर लग रहा आरोप। पूरे मामले में विवादित दिख रहा पुलिस का कारनामा,इस केस में क्या है इतने बड़े खेल की वजह,उठ रहे गम्भीर सवाल। बढ़ सकती है पूर्व विवेचक गुड्डू जोशी व खेल में शामिल अन्य अफसरों की मुश्किलें। प्रकरण की सीबीआई जांच को लेकर भी अपहृत इंजीनियर के परिजन उठा रहे मांग,गुत्थियों में उलझी है इस घटना की कहानी

दरअसल में बाराबंकी जिले के रहने वाले हरिकेश कुमार ने एक मार्च वर्ष-2021 की घटना बताते हुए अपनी पत्नी राधा कनौजिया (25 वर्ष) व बेटी आस्था (2 वर्ष) की गुमशुदगी दो दिन बाद ही थाना बदोसराय-बाराबंकी में दर्ज कराने की बात लाई है सामने। वहीं इसी घटना के सम्बंध में हरिकेश ने अपहृत बताए गये इंजीनियर वीरेंद्र व उसके भाई मनोज के खिलाफ इसी थाने में 18 जुलाई वर्ष-2021 को दर्ज कराई है एफआईआर। इंजीनियर वीरेंद्र पर हरिकेश की पत्नी व बेटी को अपने पास रखने व दोनों भाइयों के खिलाफ फोन पर धमकाने का लगा है आरोप। अपनी एफआईआर में हरिकेश ने इंजीनियर वीरेंद्र को बताया है पूर्व परिचित। परिचय की वजह से ही दोनों परिवारों के बीच आना-जाना होने की वजह से राधा को लेकर या अन्य किसी बात को लेकर हरिकेश एवं इंजीनियर वीरेंद्र के बीच रंजिश की मानी जा रही वजह। फिलहाल मिली जानकारी के मुताबिक बदोसराय-बाराबंकी पुलिस हरिकेश के जरिये दर्ज कराए गये मामले में पुलिस लगा चुकी है फाइनल रिपोर्ट

वहीं दूसरी तरफ अपहृत इंजीनियर वीरेंद्र के पिता लाला रैदास ने 10 मार्च वर्ष-2021 की घटना बताते हुए अपने बेटे के अपहरण व हत्या सहित अन्य अनहोनी की आशंका जताते हुए अपने गृह जनपद रायबरेली कोर्ट में केस दर्ज कराने को लेकर दी थी अर्जी। मिली जानकारी के मुताबिक थाना प्रभारी लालगंज-रायबरेली को मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच को लेकर दिया गया था निर्देश,लेकिन बिना किसी लिखापढ़ी की बात सामने लाये सीधे जनपद सुलतानपुर के कोतवाली नगर में दर्ज कर ली गई वीरेंद्र अपहरण कांड की एफआईआर। 28 सितम्बर वर्ष-2023 को कोतवाली नगर पुलिस ने बाराबंकी निवासी हरिकेश व उसकी पत्नी राधा व अन्य सहयोगियों पर दर्ज की थी एफआईआर

तफ्तीश के दौरान विवेचक गुड्डू जोशी के जरिये थाना जीआईडीसी बटवा-अहमदाबाद क्षेत्र में 24 अक्टूबर वर्ष-2024 को अपहृत वीरेंद्र के मिलने व उसे विधिक कार्यवाही हेतु साथ ले जाने सम्बन्धी सूचना स्थानीय थाना प्रभारी को देने की बात आ रही सामने। आरटीआई में हुए खुलासे के मुताबिक विवेचक गुड्डू जोशी के कब्जे में आ चुका था वीरेंद्र,स्थानीय थाने की जीडी में गुजरात पुलिस ने बाकायदा की है इंट्री। ऐसे मे आखिर इंजीनियर वीरेंद्र बरामद हुआ तो विवेचक गुड्डू जोशी ने उसे आज तक क्यों नहीं कराया पेश। यदि कस्टडी में आने के बाद हुई कोई घटना तो विवेचक गुड्डू जोशी ने इस बात की कहाँ दर्ज कराई सूचना,इस तरीके का कोई साक्ष्य अब तक नहीं आ सके है सामने। मिली जानकारी के मुताबिक अपहृत वीरेंद्र के परिजन विवेचक गुड्डू जोशी पर आरोपी हरिकेश से मिलकर अपने बेटे की हत्या कराकर लाश कहीं फेंक देने का लगा रहे आरोप। वीरेंद्र के परिजनों के मुताबिक इस घटना के बाद ही कार्यवाही की मांग को लेकर तत्कालीन एसपी सोमेन वर्मा से की थी शिकायत, लेकिन उनके जरिये कोई एक्शन न लेने की बात आ रही सामने,बल्कि पुलिस के जरिये अपने दरोगा व विभाग की छवि को बचाने के लिए तथा पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने के लिए अपहृत इंजीनियर वीरेंद्र के भाई देव आदि व वृद्ध बीमार माँ जग्गो को फर्जी तरीके से मुल्जिम बनाकर जेल भेजने का लग रहा आरोप

निष्पक्ष जांच को लेकर इंजीनियर के पिता लाल रैदास ने हाईकोर्ट की भी ली थी शरण। हाईकोर्ट ने विवेचक व तत्कालीन एसपी सोमेन वर्मा को भी एफिडेविट दाख़िल करने का दिया था निर्देश। याची लाला रैदास ने अपने पुत्र के बरामद होने की सूचना पर बीते 20 नवम्बर को याचिका ले ली थी वापस। लेकिन पुलिस के कारनामे को देखकर लाला रैदास ने निष्पक्ष जांच को लेकर फिर हाईकोर्ट में दी है अर्जी,जिसमें हाईकोर्ट ने किया है जवाब-तलब। वहीं आरोपी हरिकेश के जरिये जिला न्यायालय व हाईकोर्ट में पेश गई थी अग्रिम जमानत अर्जी,लेकिन अभी तक किसी कोर्ट से उसे नहीं मिल सकी है राहत,पर कोतवाली नगर पुलिस के जरिये इंजीनियर अपहरण कांड के नामजद आरोपी को क्लीनचिट देकर प्रकाश में इंजीनियर के परिजनों का ही नाम लाकर जेल भेजने की बात आ रही सामने। विवादों से भरी है मामले में पुलिस की पूरी कहानी। इस ब्लाइंड किडनैपिंग केस में आगे क्या आता है सामने,अभी बहुत कुछ सामने आना है शेष*

रिपोर्ट-अंकुश यादव